तारा चक्र
जन्म सम्पतविपतक्षेम प्रत्यरि साधकवधमित्र अति-मित्र
नक्षत्र अश्विनीभरणीकृत्तिकारोहिणी मॄगशिराआद्रापुनर्वसुपुष्यअश्लेशा
जन्मचन्द्रमंगल सूर्य बुध, बृहस्पतिशुक्र
गोचर चन्द्रमंगलसूर्यबुध, बृहस्पतिशुक्र
नक्षत्र मघा पूर्वाफाल्गुनीउत्तराफाल्गुनीहस्तचित्रास्वातिविशाखाअनुराधाज्येष्ठा
जन्मकेतु
गोचर केतु
नक्षत्र मूलपूर्वाषाढाउत्तराषाढाश्रवणधनिष्ठाशतभिषापूर्वाभाद्रपदउत्तराभाद्रपदरेवती
जन्म राहु शनि
गोचर राहुशनि

जन्म तारा कुछ कार्यो के लिए शुभ तथा कुछ कार्यो के अशुभ और प्रथम चक्र में विपत, प्रत्यरि, वध तारा सभी कामो के लिए अशुभ होते है। द्वितीय चक्र के लिए विपत तारा में शुरू का तीसरा भाग, प्रत्यरि तारा में आखिर का तीसरा भाग एवं वध तारा में बीच का तीसरा भाग त्यागना चाहिए। तीसरे चक्र में विपत, प्रत्यरि, वध तारा शुभ होते है।

Birth Info Edit
DoB2026-06-12
ToB00:45:07
PoBDelhi, IN
Lat|Lon28.36, 77.12
Transit Info Edit
Date2026-06-12
Time00:45:07
PlaceDelhi, IN
Lat|Lon28.36, 77.12
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