विशोत्तरी दशा की गणना किस प्रकार की जाती हैं।
1 2 3 राहु4 लग्न5 6 शुक्र7 सूर्य बुध बृहस्पति8 शनि9 केतु10 मंगल11 चन्द्र12

विशोत्तरी में संस्कृत का अर्थ है १२० वर्ष इसमे हर ग्रह को तीन नक्षत्रों का स्वामित्व और निश्चित वर्ष दिया हुआ है जिनका योग १२० वर्ष है। जन्म समय में चन्द्रमा का भोगांश ही जन्मक्लीन विशोत्तरी दशा का निर्धारण करता है। दशाओं का क्रम और दशा वर्ष नीचे सरणी में दिये हुआ हैं।

#नक्षत्र भोगांश स्वामी वर्ष
1 अश्विनी 0.00 - 13.33केतु7
2 भरणी 13.33 - 26.67शुक्र20
3 कृत्तिका 26.67 - 40.00सूर्य6
4 रोहिणी 40.00 - 53.33चन्द्र10
5 मॄगशिरा 53.33 - 66.67मंगल7
6 आद्रा 66.67 - 80.00राहु18
7 पुनर्वसु 80.00 - 93.33बृहस्पति16
8 पुष्य 93.33 - 106.67शनि19
9 अश्लेशा 106.67 - 120.00बुध17
10 मघा 120.00 - 133.33केतु7
11 पूर्वाफाल्गुनी 133.33 - 146.67शुक्र20
12 उत्तराफाल्गुनी 146.67 - 160.00सूर्य6
13 हस्त 160.00 - 173.33चन्द्र10
14 चित्रा 173.33 - 186.67मंगल7
15 स्वाति 186.67 - 200.00राहु18
16 विशाखा 200.00 - 213.33बृहस्पति16
17 अनुराधा 213.33 - 226.67शनि19
18 ज्येष्ठा 226.67 - 240.00बुध17
19 मूल 240.00 - 253.33केतु7
20 पूर्वाषाढा 253.33 - 266.67शुक्र20
21 उत्तराषाढा 266.67 - 280.00सूर्य6
22 श्रवण 280.00 - 293.33चन्द्र10
23 धनिष्ठा 293.33 - 306.67मंगल7
24 शतभिषा 306.67 - 320.00राहु18
25 पूर्वाभाद्रपद 320.00 - 333.33बृहस्पति16
26 उत्तराभाद्रपद 333.33 - 346.67शनि19
27 रेवती 346.67 - 360.00बुध17

विशोत्तरी दशा की गणना किस प्रकार की जाती हैं।

उदहारण
इस कुंडली में चंद्र स्पष्ट 349.75 है
27 रेवती 346.67 - 360.00बुध17
चंद्र नक्षत्र - रेवती
नक्षत्र स्वामी - बुध (वर्ष 17)
रेवती का वो भाग जिसे चन्द्रमा ने तय करना है
360.00 - 349.75 = 10.25
दशा शेष = ( 10.25 x 17) / 13.33
= 13.07 वर्ष
13 वर्ष
13.07- 13 = 0.07 * 12 = 0.84 महीना
0 महीना
0.84- 0 = 0.84 * 30 = 25.34 दिन
25 दिन
ग्रह साल महीना दिन
20181119
बुध दशा शेष 13025
बुध दशा समाप्त 20311214

भुक्त दशा

रेवती का वो भाग जिसे चन्द्रमा ने तय कर लिया है
349.75 - 346.67 = 3.08
भुक्त दशा = ( 3.08 x 17) / 13.33
= 3.93 वर्ष
3 वर्ष
3.93- 3 = 0.93 * 12 = 11.16 महीना
11 महीना
11.16- 11 = 0.16 * 30 = 4.66 दिन
4 दिन
ग्रह साल महीना दिन
20181119
भुक्त बुध दशा 3114
बुध दशा आरम्भ = + 17 वर्ष 20141215
केतु दशा आरम्भ = + 7 वर्ष 20311215
शुक्र दशा आरम्भ = + 20 वर्ष 20381215
सूर्य दशा आरम्भ = + 6 वर्ष 20581215
चन्द्र दशा आरम्भ = + 10 वर्ष 20641215
मंगल दशा आरम्भ = + 7 वर्ष 20741215
राहु दशा आरम्भ = + 18 वर्ष 20811215
बृहस्पति दशा आरम्भ = + 16 वर्ष 20991215
शनि दशा आरम्भ = + 19 वर्ष 21151215