काल सर्प दोष | उपाय व पहचान
मंगल1 राहु2 3 4 5 6 7 केतु8 शुक्र9 लग्न सूर्य बुध बृहस्पति शनि10 11 चन्द्र12

काल सर्प दोष

जन्म कुंडली में जब सात ग्रह सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि राहू और केतु के बीच स्थित होते है तो व्यक्ति कालसर्प योग से पीडित हो जाता है। काल सर्प दोष हर राशि के जातकों के लिए समान नहीं होता। यह राशि के अनुसार अलग-अलग प्रभाव होता है। यानि यदि कुंडली में 12 भाव है तो 7 भावो में ग्रह हो और डिग्री में राहु और केतु के अंदर हो दूसरी और 5 भावो में कोई ग्रह न हो तो इसे काल सर्प दोष या योग कहते है.


आपकी जन्म कुंडली में कालसर्प योग हैं ।

कालसर्प दोष के उपाय

काल सर्पदोष की पूजा उपाय के लिए सावन माह विशेषकर सावन माह की पंचमी
नाग पंचमी का दिन बहुत ही प्रभावशाली माना जाता है ।
नाग पंचमी के दिन 11 नारियल बहते हुए पानी में प्रवाहित करें
महामृत्युंज्य मंत्र का जाप करें।
श्रावण के प्रत्येक सोमवार को शिव मंदिर में दही से अभिषेक करें।
रूद्र-अभिषेक कराए एवं महामृत्युंजय मंत्र की एक माला का जाप रोज करें।
श्रावण महीने के हर सोमवार का व्रत रखते हुए शिव का रुद्राभिषेक करें।

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