तारा चक्र
जन्म सम्पतविपतक्षेम प्रत्यरि साधकवधमित्र अति-मित्र
नक्षत्र उत्तराफाल्गुनीहस्तचित्रास्वातिविशाखाअनुराधाज्येष्ठामूलपूर्वाषाढा
जन्मचन्द्रकेतु
गोचर चन्द्रकेतु
नक्षत्र उत्तराषाढाश्रवणधनिष्ठाशतभिषापूर्वाभाद्रपदउत्तराभाद्रपदरेवतीअश्विनीभरणी
जन्म मंगल, शनि बुध, शुक्र, राहुसूर्य
गोचर मंगल, शनिबुध, शुक्र, राहुसूर्य
नक्षत्र कृत्तिकारोहिणी मॄगशिराआद्रापुनर्वसुपुष्यअश्लेशा मघा पूर्वाफाल्गुनी
जन्मबृहस्पति
गोचर बृहस्पति

जन्म तारा कुछ कार्यो के लिए शुभ तथा कुछ कार्यो के अशुभ और प्रथम चक्र में विपत, प्रत्यरि, वध तारा सभी कामो के लिए अशुभ होते है। द्वितीय चक्र के लिए विपत तारा में शुरू का तीसरा भाग, प्रत्यरि तारा में आखिर का तीसरा भाग एवं वध तारा में बीच का तीसरा भाग त्यागना चाहिए। तीसरे चक्र में विपत, प्रत्यरि, वध तारा शुभ होते है।

Birth Info Edit
DoB2024-04-21
ToB01:48:44
PoBDelhi, IN
Lat|Lon28.36, 77.12
Transit Info Edit
Date2024-04-21
Time01:48:44
PlaceDelhi, IN
Lat|Lon28.36, 77.12
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